उस से प्यार हुआ जिसे हम कभी पा न सके ,
जिसकी बातो को हम कभी भुला न सके ,
दिल लगाया और लगाकर तोड़ दिया उसने ,
जिसे भुलाना चाह पर हम भुला न सके ,
अपनी कसम देकर उसने हमे मजबूर कर दिया ,
मुझे खुश रखने के लिए खुद से दूर कर दिया ,
हमारी चाहत को कभी उसने समझा ही नहीं ,
और हम थे की उनके लिए अपनों को ही छोड़ दिया …
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जब चाहा तब रिश्ता जोडा, जब चाहा तब रिश्ता तोडा,
बेबस और मासूम को लाके, बीच सफर मे छोडा
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मेरे रुख पे पड़े उसकी जुल्फों के साये ,
मिटा दे हर दूरी को वोह जल्द ही ..
कहीं मोहब्बत की प्यास मेरी जान ही न ले जाये ,,,,..!
जिसकी बातो को हम कभी भुला न सके ,
दिल लगाया और लगाकर तोड़ दिया उसने ,
जिसे भुलाना चाह पर हम भुला न सके ,
अपनी कसम देकर उसने हमे मजबूर कर दिया ,
मुझे खुश रखने के लिए खुद से दूर कर दिया ,
हमारी चाहत को कभी उसने समझा ही नहीं ,
और हम थे की उनके लिए अपनों को ही छोड़ दिया …
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बेबस और मासूम को लाके, बीच सफर मे छोडा
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काश मेर्री धड़कन वोह सुन पाए ,
मेरे रुख पे पड़े उसकी जुल्फों के साये ,
मिटा दे हर दूरी को वोह जल्द ही ..
कहीं मोहब्बत की प्यास मेरी जान ही न ले जाये ,,,,..!

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